*धर्मपत्नी*➖ आदिमानव के युग से ही स्त्री पुरषो के लिए कोतुहल और जिज्ञासा का विषय रही है , किसी ने उसमे चांद देखा तो किसी को स्त्री में हूर नज़र आई, किसी किसी ने मोहब्बत का आईना कहा ,तो किसी ने इबादत का खुदा तक कह डाला 😀 किसी ने कयामत कहा तो ,किसी ने हुस्न के देवी कहा । पर अफसोस किसी ने भी पुरुष के लिए कुछ नही कहा 😀 अगर खुदा ना खास्ता किसी के नसीब से बिल्ली वाला छींका टूट गया और एक साधारण आदमी को खूबसूरत बीवी मिल भी गयी तो कहने वालों ने ये तो कहा➖ हूर के बगल में लँगूर पर आज तक किसी ने ये नही कहा कि ➖ *वो देखो हुरा के बगल में लंगुरिया जा रही है*😀 अरे भाई ऐसा भेद भाव क्यूँ ❓इसका नतीजा ये निकला कि सदियों से शोषित बेचारा और मजलूंम पुरुष ने डिजिटल क्रांति आने पर अपनी सारी भड़ास व्हाट्सएप और फेसबुक पर स्त्रीओ की बुराई करने में लगा दी 😀 अब हर तीसरा शादीशुदा आदमी दूसरे आदमी को जोक या हंसी ठिठोली के रूप में पत्नी की बुराई एक दूसरे को भेजता रहता है 😀*मानो तस्सली दे रहा हो कि भाई फिक्र मत कर जो तेरा हाल है ,वो ही मेरा हाल है*😀 इस मामले में अपने मुख्यमंत्री और आलौकिक महापुरुष योगी जी और वाक्पटुता में निपुण, पूरे संसार का भृमण करने वाले महापुरुष मोदी जी से ईर्ष्या रखता हूँ 😀 बंदों ने मिशाल ही खत्म कर दी कि हर सफल पुरुष के पीछे एक स्त्री का हाथ होता है 😀 दोनों महापुरषो की लाइफ बिंदास कोई पूछने वाला नही कोई टोकने वाला नही 😀 चाहे मध्यरात्रि को नोट बंद कर दो,चाहे अस्पतालों को ऑक्सीजेंन मत दो , चाहे सब व्यपारियो को चोर बोल दो ,मजाल है जो कोई पूछ लें कि ➖ऐं जी ऐसे कैसे कर सकते हो 😀 अब मेरा क्या होगा 😀
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