शुक्रवार, 29 सितंबर 2017

तलाक तलाक तलाक

तलाक तलाक तलाक ➖ लो साहब एक और पुरानी रिवायत तोड़ दी गयी, अब आप अपनी सगी बीवी को तीन तलाक नही दे सकते । हम मर्दो के पास बीवी को धमकाने ,और उनकी मेरठ की केंची की तराह तेज चलती जुबान पर रोक लगाने का एक ही जन्मसिद्ध अधिकार था ,वो भी गया हाथ से 😀 पहले कभी बीवी लड़ती थी तो उसे शांत करने के लिए बोल दिया करते थे ➖चुप हो जा वरना तलाक दे दूंगा😀 और वो भी शेरनी से पालतू गाय बन जाती थी 😀 अब हम निरीह मर्दो के पास एक ही हथ्यार था उसे भी कुंद कर दिया गया । मेरी सभी दोस्तों को सलाह है कि वो अपनी पत्नी का पूर्ण आदर करें 😀 उसकी हर जायज नाजायज डिमांड को पूरी करने में जी जान से जुट जाएं , और चाहे वो काली कलूटी हो पर उसकी तुलना जन्नत की हूर से करें 😀 लेकिन एक बात अब तक समझ मे नही आई जो लोग तलाक खत्म कराना चाहते थे उनमें कोई भी शादीशुदा नही है 😀 भाई आप कुंवारे हो आपको क्या पता शादीशुदा जिंदगी में असली पीड़ित कौन होता है 😀 किस पर जुल्म होता है और कौन मजलूम होता है 😀 अब गिला भी किस से करे जब मर्द ही मर्द का दुश्मन बन जाये तो क्या कर सकते है😃 योगी जी मोदी जी नोटबन्दी , मीटबन्दी, gst का सितम कम था जो एक और नर उत्पीड़न लागू कर दिया ।

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