शुक्रवार, 29 सितंबर 2017

मोदी जी

मोदी जी➖ मे अक्सर जब भी व्यंग लिखता हूँ ना जाने मोदी जी बीच मे कहाँ से आ जाते है ,बात नोट की हो या वोट की, डीजल की हो या पेट्रोल की ,  देश की हो या धर्म की ,ना जाने ये बन्दा खुद बे खुद बिन बुलाए चला आता है । *आजतक एक बात समझ मे नही आई भाई पूरे 5 साल के लिए जनादेश मिला है ,अखण्ड   बहुमत वाली सरकार है ,फिर ये बन्दा फिरकी क्यूँ लेता है ? क्यूं ये बन्दा अपने ही लोगो को नाराज करता है ? क्यूं ये बन्दा अपने ही परंपरागत वोटरों को दुखी करता है ? क्यूँ ये बन्दा अडिग और मजबूत फैसले लेता है ?*
: क्यूँ देश मे बदलाव लाना चाहता है ? क्यूँ बरसो से चली आ रही व्यवस्था को बदलना चाहता है ? क्यूँ हमे डिजिटल इंडिया के सपने दिखाता है ? क्यूँ  हर चीज पर टैक्स लगा कर सरकारी खजाना भरना चाहता है ? क्यूँ देशवासियो को बुलेट ट्रेन देना चाहता है ? *भाई 5 साल भौत होते है खुद भी मलाई खाते और दूसरों को भी खिलाते😀 और वो ही घिसे पिटे तरीके से सरकार चला लेते 😀 क्या जेरूरत थी गृहणियों और व्यपारियो को नाराज करने की ,सब की हां में हाँ मिला कर भी तो चल सकते थे 😀डॉक्टर ने तो बताया नही था कि बदलाव लाओ*😀  बरहाल मोदी जी जन्मदिन मुबारक हो 🌹 नोट➖ मे कोई अंध भक्त या अन्धविरोधी नही हूँ , कुछ सवाल थे दिमाग तो यूँ ही पूछ लिया 😀 आशु मलिक

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